श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट से विदेशी यात्रियों को उतारा गया
जम्मू कश्मीर को लेकर पूरे देश में इस में माहौल गर्म है। 1 हफ्ते के अंदर गृह मंत्रालय द्वारा जम्मू कश्मीर में 35000 अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, अचानक अमरनाथ यात्रा बंद कर अमरनाथ श्रद्धालुओं को घाटी छोड़ने का आदेश और अब श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट से विदेशी यात्रियों को उतारने का आदेश यह संकेत देता है कि जम्मू कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सभी विमानों को अतिरिक्त उड़ानों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है। पूरे देश में जम्मू कश्मीर को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। राजनीतिक नेताओं के अंदर बेचैनी बढ़ गई है। वहीं जम्मू कश्मीर के स्थानी नेता भी डरे हुए हैं और वह केंद्र सरकार को चेतावनी दे रहे हैं।
लगाए जा रहे हैं तरह-तरह के कयास
जम्मू कश्मीर में चल रहे इस भारी-भरकम माहौल के बीच जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों में चर्चा शुरू हो गई है। देर रात जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक संयुक्त बैठक की। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैजल के साथ साथ अन्य कई कश्मीरी नेता उपस्थित रहे। पहले ही महबूबा मुक्ति केंद्र सरकार को चुनौती दे चुकी हैं कि यदि केंद्र सरकार किसी भी तरह से जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने का प्रयास करती है तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट करके केंद्र सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए।
उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यदि आतंकी हमले के खतरे के कारण केंद्र सरकार अमरनाथ यात्रियों को वापस भेज रही है तो फिर गुलमर्ग को क्यों खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुलमर्ग के होटलों में ठहरे हुए यात्रियों को जबरदस्ती वहां से वापस भेजा जा रहा है। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। श्रीनगर जाने वाली फ्लाइट से विदेशी यात्रियों को उतारकर जम्मू कश्मीर की संभावनाओं में एक और अध्याय जुड़ गया है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।


